Showing posts with label hindi. Show all posts
Showing posts with label hindi. Show all posts

Thursday, November 22, 2012

लोरी

आजा आजा निंदिया रानी, 
जागे मेरी गुडिया प्यारी
जल्दी से तू आजा, 
अखियों में समा जा

टीम टीम करते तारे सारे 
चंदा मामा हो गए आधे
चुप है जग यह सारा 
चुपके चुपके आना

बाते तुझसे कितनी करनी
कहानी आधी रह गयी कल की
पूरी अब तू कर जा
और नयी बतला जा 

मिटती मिटती पलकें बोले 
थकती थकती सांसे पूछे 
गाँव कहाँ सपनों का? 
संग मुझे तू ले जा 

 

जिंदगानी

चलती जाये चालती जाये, जिंदगानी रे
गम मिले या खुशी, मुस्कुराना रे

आज का सुरज उगा चला, चलते चलते डूब गया
दिन अभी था रात हुई, खत्म कहानी रे

आज था जो वह कल हुआ, एक गुजरा पल हुआ
यादो की जंगल में खोया, भूला किस्सा रे

कितनी यादे कितने बाते, चलती जाए अपनी राहे
रोये किस पे किस बहाने, रुका न कोई रे

चलते चलते जिंदगानी, बीत जाये रे
कुछ रहे न बाकी बस, गीत सुहाने रे